मध्य प्रदेश की गुफाये :

नमस्कार दोस्तों आज हम इस मध्यप्रदेश की गुफाओ के बारे में जानेंगे तो चलो हम बिना देर किये एक एक गुफा को समझते है 

भीमबेटिका की गुफाये :  

भीमबेटिका की गुफाये की खोजकर्ता वाकणकर महोदय। ये गुफाये पुरापाषाण काल की है। यह लगभग 400 गुफाए मिली है। जिनमे चित्र बने हुए है ,इन चित्रों से पता चलता है की इस समय मानव शिकार के द्वारा अपना जीवन व्यापन करता था। भीमबेटिका की गुफाओ को यूनेस्को ने विश्व धरोवर में शामिल किया है (2003 में).ये रायसेन जिले में है। 

आदमगड़ की गुफाये :

ये मध्यपाषाण कालीन है ,ऐसा माना जाता है की भारत में पशुपालन का प्राचीनतम साक्ष्य यही से प्राप्त हुआ है। ये गुफाये नर्मदा के तट पर स्थित है। 

उदयगिरि की गुफाये (विदिशा ):

इसका निर्माण 4 -5  वी शताब्दी में गुप्तकाल में हुआ था। यहाँ 20 गुफाये है गुफा संख्या 1 तथा 20 जैन धर्म से संबंधित है। गुफा संख्या 5 में वराह की प्रतिमा है। 

भर्तहरि की गुफाये ( उज्जैन ):

इसका निर्माण भर्तरि की याद में परमार वंश के शाशको दवरा करवाया गया। 11 वि शताब्दी में कुल संख्या 9 है। जिसमे से 4 खंडित हो गयी है  तथा 5  शेष  बची है। 

बाघ की गुफाये (धार ):

निर्माण 5 वी शताब्दी में गुप्तकाल में हुआ था। बाघ की गुफाओ के चित्र अजंता की गुफाओ के सामान विली चित्र में युक्त है। कुल संख्या 9 ,4 खंडित 5 शेष बची। गुफा संख्या 2  में पांच बोद्धो के चित्र है। 
 
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