* मध्यप्रदेश की नदिया :-
★ मध्यप्रदेश मे प्रायद्वीपी प्रकार की नदिया बहती है।
* मध्यप्रदेश से निकलने वाली अधिकाश नदिया किसी दूसरे प्रदेश मे जाकर बडी नदियों से मिल जाती है। इसलिए मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता है।
(1) नर्मदा नदी :--मध्यप्रदेश की सबसे बडी व लम्बी नदी पश्चिमी भारत में बहने वाली सबसे लंबी नदी
* भारत की पांचवी सबसे लंबी नदी।
उदगम स्थल मैकल पर्वत पर स्थित अनूपपुर जिले के
अमरकंटक से निकलती है इसीलिए इसे मेकल्सूता
कहा जाता है।
अन्य नाम रेवा,नामोदोष, मध्यप्रदेश की जीवन रेखा ओर मेकल्सुता
* अवसान गुजरात के खम्बात की खाड़ी में गिर जाती है।
नदी कि कुल लम्बाई 1312 KM ,मध्य प्रदेश मे लम्बाई 1077 किलोमीटर
ये तीन राज्यो में बहती है MP, Maharastra Gujarat
सहायक नदिया 41 है जिसमें प्रमुख तवा,
शकर , हिरण, मान, बनास
नर्मदा नदी पर निर्मित जलप्रपात
(1) कपिल धारा :अमरकंटक
(२) दुग धारा: अमरकंटक
3)धुआधार :, भेडाघाट (जबलपुर
(4) सहस्त्रधारा: महेश्वर खरगोन।
(5) दर्दी जलप्रपात: बड़वाह खरगोन
मानधार जलप्रपात :बड़वाह खरगोन
नादि और ताप्ती नदी केल्यमा निर्माण नही करती बल्कि
एस्चरी का निर्माण करती है।
नर्मदा नदी दो पर्वत श्रेणियो के मध्य बहती है। विध्याचल पर्वत
सतपुल पर्वत
नर्मदा और ताप्ती नदी के किनारे प्रसिद्ध तीर्थस्थल ओंकारेश्वर महेश्वर है।
नर्मदा नदी पर स्थित परियोजना नर्मदा घाटी परियोजना है ।
बहने की दिशा पूर्व से पश्चिम की ओर
(2) चंबल नदी :- उदगम-महूं के जानापाऊ पहाड़ी से।
* महूं की परशुराम तथा अम्बेडकर की जन्मस्थली माना जाता।
चम्बल नदी उत्तरप्रदेश के इटावा के पास यमुना नदी में मिल जाती है।
नदी की कुल लम्बाई 965 km है। इसका प्राचीन नाम चर्मावती है।
* ये मध्य प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी नदी है।
* चम्बल की सहायक नदिया: काली सिंध, पार्वती बनास
(3) बेतवा नदी - बेतवा नदी का उदगम मप्र के रायसेन जिले के कुमरागांव से होता है एवम इसका समापन उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के निकट यमुना
नदी मे होता है।
यह नदी उत्तर से पूर्व की ओर बहती है, जिसकी कुल लम्बाई 480 KM है।
बेतवा की सहायक नदिया: सिंध, घसान ,और बीना प्रमुख है।
(4) ताप्ती नदी - ताप्ती नदी को भगवान सूर्य की पुत्री कहा जाता है।
इसका उदगम बैतूल जिले के मुलताई तहसील से हुआ है।
यहाँ प्रसिद्ध ताप्ती मंदिर भी है जहा दूर दूर से श्रद्धालु
दर्शन के लिए आते है।
ताप्ती नदी का समापन अरब सागर की खम्बात की खाड़ी में होता है।इसकी लंबाई 725 किलोमीटर है,यह नर्मदा के समांतर पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है।
ताप्ती की सहायक नदियां है पूर्णा नदी
(5) सोन नदी:
:- इस नदी को स्वर्णा नदी के रूप में जाना जाता है।
*इसका उद्गम स्थान अनुपपुर जिले के अमरकंठक़ चोटी से हुआ है।
* इसका समापन बिहार के पटना के निकट दीनापुर मे गंगा नदी मे हो जाता है।
सोन की सहायक नदियाँ जोहिला
(6) शिप्रा नदी:- क्षिप्रा नदी का उदगम इन्दौर के काकरी बरदी से होता है इसकी कुल लम्बाई 195 किलोमीटर है।इसे मालवा की गंगा के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदसौर जिले के चम्बल नदी मे समाहित
हो जाती है।
क्षिप्रा की सहायक नदियाँ खान नदी इसकी प्रमुख सहायक नदी है।
(7) काली सिन्घनदी :- कालीसिंध का उद्गम देवास के बागली गांव से हुआ है जिसकी लम्बाई 150 Km है जिसका समापन राजस्थान के चम्बल नदी मे हुआ है।
केन:- उदगम कटनी के विंध्याचल पर्वत से
अवसान यमुना में
बेन गंगा :- उदगम-सिवनी से
अवसान - महाराष्ट्र मे वरधा नदी मे
महाराष्ट्र मे बेन गंगा और वर्धा नदी के संगम को प्राणहिता कहा जाता है।
टोन्स (तमसा) :- उदगम - सतना की केमुर पहाडी से
अवसान- उत्तरप्रदेश में गंगा में
पार्वती:- उदगम आष्टा सिहोर से
अवसान चम्बल नदी में
माही- उदगम धार से
अवसान गुजरात के खम्बात की खाड़ी में
माही नदी कर्क रेखा को दो बार काटती है
मध्य प्रदेश की चार सबसे लम्बी नदिया- नर्मदा, चंबल,
सोन, ताप्ती
मध्यप्रदेश की नदियाँ जो गंगा की सहायक नदीया है।
सोन,टोन्स
यमुना नदी की सहायक नदियां है चंबल कैन और बेतवा
पहाड़ियो से हुआ है जो अंत मे नर्मदा नदी में विलिन हो जाती है।
* तवा की सहायक नदिया मालिनी और देनवा इसकी सहायक नदियां है।
तवा नदी पर होशंगाबाद के पास तवा सेतु या महात्मा
गांधी सेतु निर्मित है जो मध्य प्रदेश का सबसे लंबा पुल है।

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