इस पोस्ट के माध्यम से हम भारत की अनुसूचियों के बारे में जानेंगे।भारत की अनुसूचियां में संविधान में क्या कब जोड़ा गया और किस अनुसूची में क्या है इन बातो का अच्छे से वर्णन है।संविधान में कुल १२ अनुसूचियां है ।तो चलो हम बिना देर ना किए आगे बढ़ते है और अनुसूचियों को एक एक करके समझते है।
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| संविधान की अनुसूचियां |
भारत की अनुसूचियां:
अनुसूची १: अनुसूची १ में भारत के राज्यो के नाम और उनका क्षेत्र तथा संघ राज्य क्षेत्रों का नाम और उनकी सीमाएं।
अनुसूची २: इस अनुसूची में संविधान में बताया गया है कि कितना वेतन ,भत्ते और पेंशन के बारे में।
अनुसूची ३: शपथ को भारत के संविधान की अनुसूची ३ में बताया गया है।
अनुसूची ४: इस अनुसूची में राज्यसभा और संघ राज्य क्षेत्रों के लिए राज्यसभा में स्थानो का आवंटन समझाया गया है ।
अनुसूची ५: संविधान की अनुसूची ५ में ये बताया गया है ,अनुसूचित क्षेत्र और अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण से जुड़े प्रस्ताव को बताया है।
अनुसूची ६: इसमें असम ,मिजोरम,मेघालय,और त्रिपुरा के लिए अनुसूचित क्षेत्र और अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण से जुड़े प्रस्ताव इसमें दिए है।
अनुसूची ७: अनुसूची ७ में विषयो के बारे में बताया गया है कि किस सूची में कितने विषय शामिल है।इसमें बताया है कि मूल संविधान में केंद्र सूची में 97,राज्य सूची में66 और समवर्ती सूची में47 विषय शामिल है।
अनुसूची ८: इस सूची में भारत की संविधान से मान्यता प्राप्त भाषाओं के बारे में बताया गया है,जिसमें कूल 22 भाषा शामिल है।जो निम्न प्रकार से है
अनुसूची २: इस अनुसूची में संविधान में बताया गया है कि कितना वेतन ,भत्ते और पेंशन के बारे में।
अनुसूची ३: शपथ को भारत के संविधान की अनुसूची ३ में बताया गया है।
अनुसूची ४: इस अनुसूची में राज्यसभा और संघ राज्य क्षेत्रों के लिए राज्यसभा में स्थानो का आवंटन समझाया गया है ।
अनुसूची ५: संविधान की अनुसूची ५ में ये बताया गया है ,अनुसूचित क्षेत्र और अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण से जुड़े प्रस्ताव को बताया है।
अनुसूची ६: इसमें असम ,मिजोरम,मेघालय,और त्रिपुरा के लिए अनुसूचित क्षेत्र और अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण से जुड़े प्रस्ताव इसमें दिए है।
अनुसूची ७: अनुसूची ७ में विषयो के बारे में बताया गया है कि किस सूची में कितने विषय शामिल है।इसमें बताया है कि मूल संविधान में केंद्र सूची में 97,राज्य सूची में66 और समवर्ती सूची में47 विषय शामिल है।
अनुसूची ८: इस सूची में भारत की संविधान से मान्यता प्राप्त भाषाओं के बारे में बताया गया है,जिसमें कूल 22 भाषा शामिल है।जो निम्न प्रकार से है
- असमिया
- बंगला
- गुजराती
- कन्नड़
- कश्मीरी
- मलयालम
- मराठी
- उड़िया
- पंजाबी
- संस्कृत
- तमिल
- तेलगु
- उर्दू
- हिंदी
- सिंधी
- नेपाली
- मणिपुरी
- कोकड़ी
- बोडो
- डोंगरी
- मैथिली
- संथाली
अनुसूची ९: इस अनुसूची को पहले संविधान संशोधन 1951 में जोड़ा गया।इसका उद्देश्य था कि भूमि सुधारो और जमीदारो उन्मूलन के लिए बनाए जाने वाले अधिनियमों नियमो को न्यायालय के पुनः विलोपन की शक्तियां से बाहर किया जा सके।इसमें वर्तमान में 282 नियम विनियम है।सर्वोच्च न्यायालय में ये स्पष्ट कर दिया कि 24 अप्रैल 1973 के बाद ९ वी अनुसूची में शामिल किए जाने वाले अधिनियमों आदि की न्यायिक समीक्षा की जा सकेगी।
अनुसूची १०: इस अनुसूची में संविधान के ५२ वे संविधान संशोधन अधिनियम १९८५ को जोड़ा गया ,इसमें दलबदल सम्बन्धी बाते समझाई गई।
अनुसूची ११: इस अनुसूची में ७३ संविधान संशोधन के तहत पंचायती राज्य (ग्रामीण) को जोड़ा गया जिसमें २९ विषय शामिल है।
अनुसूची १२: इस अनुसूची में ७४ वे संविधान संशोधन १९९३ के तहत शहरी स्थानीय पंचायत को जोड़ा गया जिसमें कुल १८ विषय शामिल है।

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