यूरोपीय आगमन
 १५ वी शताब्दी को नई खोजो का युग कहा जाता है ,इस समय भारत सहित अन्य देशो में अनेक खोजे हुई।विश्व में समुद्री मार्गो की खोज का श्रेय पुर्तगालियों को जाता है,क्युकी पुर्तगाली नाविक वर्थों लुमियादीज ने १४८८ में समुद्री मार्गो की खोज की थी।वास्कोडिगामा कालीकट के तट पर १४९८ में आया जिसका स्वागत जमोरिन वंश के राजा ने किया।इसके बाद अन्य यूरोपियन कंपनीज का भारत में प्रवेश देखने को मिलता है।लेकिन सबसे पहले भारत में आने वाले पुर्तगाली थे।

भारत आने वाली यूरोपियन देशो का क्रम है 

  • पुर्तगाली 
  • डच 
  • ब्रिटिश 
  • डेनिश 
  • फ़्रांसिसी 
  • स्पेनिश 

यूरोपीय कंपनीयो का गठन :

  • पुर्तगाली ईस्ट इंडिया कंपनी (1498 )
  • ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (1600 )
  • डच ईस्ट इंडिया कंपनी (1602 )
  • डेनमार्क ईस्ट इंडिया कंपनी (1616)
  • फ़्रांसिसी ईस्ट इंडिया कंपनी (1664)
पुर्तगाली : भारत आने वाला पहला पुर्तगली वास्कोडिगामा था जो 1498 में कालीकट के तट पर उतरा था और इसका स्वागत जमोरिन वंश के राजा ने किया था। पुर्तगालियों का उद्देश्य भारत में अरब शासको का व्यापर समाप्त करना था। भारत में पुर्तगालियों का पहला गवर्नर फ्रांसिस्को द  अलमिडो  था। इन्होने  भारत में पहली फैक्ट्री कोचीन में स्थापित की थी। भारत में पुर्तगालियों का वास्तविक संस्थापक अल्बुकर्क था। अल्बुकर्क ने बीजापुर राज्य से गोवा को जीतकर कब्ज़ा कर लिया।  इनका गोवा पर 1961 के पुर्व तक इनका अधिकार रहा लेकिन 1961 में ऑपरेशन विजय अभियान के तहत गोवा को पुर्तगालियों से मुक्त कराया और ऐसे भारत संघ का हिस्सा बना  लिया। 

डच :ये नीदरलैंड के निवासी थे ,इनका उद्देश्य इंडोनेशिया के मसाला द्वीपों पर अधिकार करना था। इंडोनेशिया के मलक्का द्वीप को मसालो का द्वीप कहा जाता है। डचो को अंग्रेजो ने वेदरा के युद्ध में अंतिम रूप से पराजित कर दिया।  ये युद्ध 1759 में हुआ और यहाँ पर अंग्रेजी शासन का अधिकार  हो गया। 

ब्रिटिश :ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1600 ईस्वी में हुयी थी।  कंपनी को ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने 15 वर्ष  पूर्वी देशो के साथ व्यापर करने की अनुमति दी। ब्रिटिश सम्राट जेम्स प्रथम ने भारत में ब्रिटिश फैक्ट्री स्थापित करने के लिए दो राजदूत भेजे पहला कप्तान हॉकिंस और दूसरा सर तामस रो। सर टॉमस रो को मुग़ल शाशक जहांगीर ने भारत में फैक्ट्री स्थापित करने की अनुमति दी। ब्रिटिश की भारत  स्थापित पहली फैक्ट्री सूरत में 1608  में डाली। भारत में स्थापित दूसरी फैक्ट्री मछलीपट्नम (आ. प्र )में डाली। ब्रिटिश सम्राट चार्ल्स द्वितीय का विवाह पुर्तगाली राजकुमारी कैथरीन से हुआ था जिस पर अंग्रेजो को मुंबई दहेज़ के रूप में प्राप्त हो गयी। 

डेनिस : भारत में डेनमार्क की फैक्ट्री अंडमान निकोबार द्वीप समूह में थी। इन्होने अंडमान निकोबार द्वीप समूह ब्रिटैन को बेच दिया  और उनका भारत से शासन समाप्त हो गया। 

फ़्रांसिसी : ये सबसे बाद में आयी यूरोपीय कंपनी थी इसकी भारत में पहली फैक्ट्री सूरत में स्थापित की गयी। इनका भारत में  मुख्य केंद्र पोंडिचुरी  था। इनका पोंडिचुरी पर 1954  तक अधिकार रहा। इनका सबसे प्रसिद्द गवर्नर डूप्ले था।
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